श्री के.आर. नारायणन का जीवन साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास की गाथा है” — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

श्री के.आर. नारायणन का जीवन साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास की गाथा है” — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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तिरुवनंतपुरम में पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन की प्रतिमा का अनावरण, कार्यक्रम में रामनाथ कोविंद और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सहित कई गणमान्य उपस्थित

New Delhi :
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज तिरुवनंतपुरम स्थित राजभवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री के.आर. नारायणन की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनाराई विजयन और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि श्री के.आर. नारायणन का जीवन साहस, दृढ़ता और आत्मविश्वास की गाथा है। उन्होंने शिक्षा और समर्पण की शक्ति के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचकर यह सिद्ध किया कि अवसर और दृढ़ निश्चय से सब कुछ संभव है। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया और भारत के शांति, न्याय और सहयोग के मूल्यों को सदा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि श्री नारायणन सदैव निष्पक्षता, समावेशिता और नैतिकता के सिद्धांतों पर अडिग रहे। वह अपने गृह राज्य केरल से गहराई से जुड़े थे और वहां की सामाजिक प्रगति तथा शिक्षा प्रणाली से प्रेरणा लेते रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि श्री नारायणन के लिए शिक्षा केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि सभी का अधिकार थी।राष्ट्रपति ने कहा कि श्री नारायणन की विरासत नैतिकता, सत्यनिष्ठा, करुणा और लोकतांत्रिक भावना से ओतप्रोत है। उनका जीवन राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण और अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण भारत की दिशा में प्रेरणा का स्रोत है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नारायणन की स्मृति लोगों को समानता, सत्यनिष्ठा और जनसेवा के मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देती रहेगी।

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