बोकारो इस्पात संयंत्र में हादसा: स्लैब कटिंग के दौरान ठेका मजदूर की जान गई, सुरक्षा पर उठे सवाल
Bokaro:
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के एसएमएस-1 कॉस्टर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां स्लैब कटिंग के दौरान एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सहकर्मियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
मृतक की पहचान 56 वर्षीय रामजी सिंह के रूप में हुई है, जो प्रोटेक्टिव जनरल इंजीनियरिंग नामक कंपनी के तहत ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे की बताई जा रही है। रामजी सिंह माराफारी थाना क्षेत्र के झोपड़ी कॉलोनी में रहते थे और मूल रूप से बिहार के निवासी थे।
घटना के बाद ठेका मजदूरों ने कामकाज को लेकर असंतोष जताया। श्रमिक संगठनों के नेताओं ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में मजदूरों से जोखिम भरे काम कराए जा रहे हैं, जबकि कई श्रमिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण तक नहीं दिया जाता।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि तकनीकी रूप से जटिल कार्य भी ठेका श्रमिकों से करवाए जा रहे हैं, जो सामान्यतः स्थायी कर्मचारियों के जिम्मे होते हैं। साथ ही, सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षण की कमी के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।
मजदूर संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और प्लांट में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के एसएमएस-1 कॉस्टर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां स्लैब कटिंग के दौरान एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सहकर्मियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।
मृतक की पहचान 56 वर्षीय रामजी सिंह के रूप में हुई है, जो प्रोटेक्टिव जनरल इंजीनियरिंग नामक कंपनी के तहत ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे की बताई जा रही है। रामजी सिंह माराफारी थाना क्षेत्र के झोपड़ी कॉलोनी में रहते थे और मूल रूप से बिहार के निवासी थे।
घटना के बाद ठेका मजदूरों ने कामकाज को लेकर असंतोष जताया। श्रमिक संगठनों के नेताओं ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताते हुए प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में मजदूरों से जोखिम भरे काम कराए जा रहे हैं, जबकि कई श्रमिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण तक नहीं दिया जाता।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि तकनीकी रूप से जटिल कार्य भी ठेका श्रमिकों से करवाए जा रहे हैं, जो सामान्यतः स्थायी कर्मचारियों के जिम्मे होते हैं। साथ ही, सुरक्षा उपकरणों और प्रशिक्षण की कमी के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं।
मजदूर संगठनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और प्लांट में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
![]()

