हैसाबातू जलापूर्ति योजना के कर्मियों पर आर्थिक संकट गहराया

हैसाबातू जलापूर्ति योजना के कर्मियों पर आर्थिक संकट गहराया
इस खबर को शेयर करें...

Bokaro:
बालीडीह गरगा डैम परिसर स्थित हैसाबातू बहु पंचायत ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जुड़े पंप ऑपरेटरों और अन्य कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है।
कर्मचारियों ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। हसन इमाम और वीरेंद्र कुमार समेत अन्य कर्मियों के अनुसार, इस योजना में करीब 9 कर्मचारी पिछले पांच वर्षों से कार्यरत हैं। योजना का संचालन जिस ठेकेदार के माध्यम से हो रहा था, उसका टेंडर समाप्त हो चुका है, जिसके बाद ठेकेदार वेतन देने से इंकार कर रहा है। वहीं विभाग भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल रहा है। इस खींचतान के बीच कर्मचारियों की स्थिति दयनीय होती जा रही है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अब तक सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल रही है। योजना की शुरुआत के समय 5 से 7 हजार रुपये मासिक वेतन तय किया गया था और समय के साथ वृद्धि का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज तक वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं निकला, तो मजबूर होकर वे काम बंद कर देंगे। इससे करीब 80 हजार से अधिक लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। यह योजना गोड़ाबाली उत्तरी-दक्षिणी, माराफारी, नरकरा, हैसाबातू पूर्वी-पश्चिमी, बांसगोड़ा पूर्वी-पश्चिमी, ऋतुडीह, सातनपुर समेत कई पंचायतों के लोगों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत है।

Prabhat Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *