नाली विवाद का हुआ समाधान: चंडीपुर में नाली में पाइप लाइन के माध्यम से जल निकासी का लिया निर्णय
Bokaro :
कसमार प्रखंड के चंडीपुर में दुर्गा मंदिर से हरि मंदिर के रास्ते में पैन के सामने गंदे पानी के जलजमाव को लेकर सोमवार को ग्रामीणों की बैठक दुर्गा मंदिर परिसर में हुई। बैठक में प्रखंड प्रमुख नियोति दे, विधायक प्रतिनिधि शेरे आलम एवं स्थानीय मुखिया राजेंद्र महतो मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस दौरान बैठक में निर्णय लिया गया कि जेहरा करमाली टोला से होकर हरि मंदिर से लेकर दुर्गा मंदिर के सामने पैन तक नाली के अंदर दो फीट का पाइप लाइन बिछाकर नाली को जाम कर दिया जाएगा, ताकि इस पाइप से बरसात के पानी की निकासी गांव से बाहर निमाय महतो के खेत तक हो। पाइप लाइन में करमाली टोला एवं चट्टान टोला के चापानल का पानी भी जोड़ने का निर्णय लिया गया, ताकि नल का बेकार पानी सीधे खेत में गिरे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस पाइप में अगर कोई ग्रामीण अपने घर का गंदा पानी को बहाने या जोड़ने की कोशिश करेगा तो उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मालूम हो कि चंडीपुर मुख्य पथ में कतिपय ग्रामीणों की मनमानी एवं अपने अपने घरों के गंदे जल की निकासी के कारण पैन के पास इन दिनों लगभग एक से डेढ़ फीट जलजमाव हो गया है। इस पानी में हर रोज ग्रामीण गिर जाते हैं। नाली किनारे लगभग 80 घरों में मनरेगा योजना से सोख्ता का निर्माण कराया गया, ताकि नाली में गंदे पानी की निकासी न हो। इसके बावजूद ग्रामीणों ने सोख्ता के बावजूद सड़क किनारे नाली में ही जलनिकासी का कार्य जारी रखा, जिससे सड़क पर जलजमाव से ग्रामीणों को मुक्ति नहीं मिली। इस रास्ते से ही चंडीपुर के ग्रामीण दुर्गा मंदिर पूजा अर्चना करने जाते हैं, लेकिन सभी को गंदे पानी से होकर ही मंदिर जाने की मजबूरी है। इस मामले को लेकर बीते दिनों चंडीपुर के ग्रामीण मंत्री योगेंद्र प्रसाद से भी मिलकर समस्या दूर करने की मांग की थी। बैठक में सुभाष चंद्र ठाकुर, सुबल कुमार झा, निमाय वर्मा, रमेश वर्मा, रघुनाथ महतो, मिहिर, बाबूचंद महतो, निवारण महतो, राजू महतो व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

