गोमिया में हाथियों ने बरपाया कहर, एक सप्ताह में तीन की मौत
आक्रोशित लोगों ने ललपनिया-रामगढ़ सड़क को किया जाम
Bokaro: गोमिया
बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों हाथियों ने कहर मचा रखा है। ताज़ा मामला गोमिया के कुंदा पंचायत अंतर्गत खखण्डा गांव का है, जहां रविवार देर रात जंगली हाथी के हमले में करीब 60 वर्षीय सांझो देवी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना देर रात करीब 11 बजे की है। हाथियों के झुंड से बिछड़ा एक हाथी गांव में घुस आया। कई घरों के दरवाजे एवं दीवारों को तोड़ने की कोशिश की। घटना की सूचना फैलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने ललपनिया-रामगढ़ हीरक सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया। वन विभाग एवं जिला प्रशासन की लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने तीखी नाराजगी जताई। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
वन विभाग और जिला प्रशासन पर फूटा गुस्सा- ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में विभाग की लापरवाही के कारण हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। विभागों न तो ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया करा पा रहा है और न ही हाथियों को सुरक्षित दिशा में खदेड़ा जा रहा है। कहा कि बीते 8 दिनों में तीन लोग हाथी का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक प्रशासन नहीं नींद नहीं खुली है!
दरवाजा खोलते ही महिला को घसीटते ले गया दूर- ग्रामीणों ने बताया कि रात को जब हाथी घरों के दरवाजे व दीवार तोड़ने की कोशिश कर रहा था, उस सांझो देवी घर में अकेली थी। दरवाजे पर आवाज़ सुन, हाथी की उपस्थिति से अनजान सांझो देवी ने दरवाजा खोल दिया। सामने खड़ा विशालकाय हाथी महिला को हाथी सूंड से पकड़ लिया। घसीटते हुए दूर तक ले गया। जहां महिला को पटक-पटक कर मार डाला। घटना के समय महिला घर में अकेली थीं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
अब तक तीन की हो चुकी मौत – बता दें कि बीते सोमवार को तिलैया गांव में प्रकाश महतो और चरकु महतो नामक दो युवकों ने हाथियों के हमले जान गंवा दिया था। इस घटना के बाद अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किया गया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। वें स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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