बोकारो में सजा किताबों का संसार, 23 अप्रैल से चार दिवसीय पुस्तक मेले का आगाज़

बोकारो में सजा किताबों का संसार, 23 अप्रैल से चार दिवसीय पुस्तक मेले का आगाज़
इस खबर को शेयर करें...

 

Bokaro:
शहर के साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर आज (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बाहर स्थित हाल, आईटीआई मोड़, चास, बोकारो में 23 से 26 अप्रैल, 2026 तक चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सजे-धजे आकर्षक स्टॉल, पुस्तकों की रंग-बिरंगी श्रृंखला तथा उत्सव जैसा माहौल पाठकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
मेले का उद्घाटन गुरुवार प्रातः नगर के गणमान्य अतिथियों द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही आम पाठकों के लिए मेले के द्वार खोल दिए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक लोग इस ज्ञान और साहित्य के उत्सव का आनंद ले सकेंगे।

देश के प्रमुख प्रकाशनों की शानदार भागीदारी –
इस पुस्तक मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, दिनकर पुस्तकालय, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस एवं मनोज पब्लिकेशंस जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। साहित्य, समसामयिक विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, धार्मिक ग्रंथ, बच्चों की किताबें और प्रेरणादायक साहित्य की विस्तृत श्रृंखला हर आयु वर्ग के पाठकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

रचनात्मकता और प्रतिभा को मिलेगा मंच –

मेले के दौरान बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला, कविता पाठ, कहानी लेखन, नृत्य और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी नि:शुल्क होगी और विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही कवि-कवयित्री सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के वातावरण को और अधिक जीवंत बनाएंगे।

आयोजन समिति एवं समय इंडिया के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि यह पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की बिक्री का मंच नहीं, बल्कि समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “जब पुस्तकें पाठकों तक पहुंचती हैं, तब समाज में विचार और ज्ञान का विस्तार होता है।”
बोकारो का यह पुस्तक मेला न केवल ज्ञान का केंद्र बनेगा, बल्कि साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता का एक प्रेरणादायी उत्सव भी साबित होगा, जहां हर आगंतुक को कुछ नया सीखने और समझने का अवसर मिलेगा।

Loading

Prabhat Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *