वेतन न मिलने से शिक्षकों का दर्द छलका, आर्थिक संकट गहराया
Bokaro:
जिले के माध्यमिक शिक्षक संघ एवं अन्य शिक्षक संगठनों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा जाहिर की। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षकों की जिंदगी जैसे ठहर सी गई है।
शिक्षकों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि घर चलाना मुश्किल हो रहा है। रसोई का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयां—हर जरूरत अधूरी रह जा रही है। कई शिक्षकों ने बताया कि उधार लेकर किसी तरह परिवार चला रहे हैं, जिससे मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ जेब खाली है, दूसरी तरफ जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है, जिसे निभाना अब और भी कठिन होता जा रहा है।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि ट्रेजरी घोटाले के कारण उनका वेतन रुका हुआ है, जबकि संबंधित विभागों के कर्मचारियों को अब वेतन मिलना शुरू हो गया है। इससे उनमें असमानता और उपेक्षा की भावना गहराती जा रही है।
शिक्षकों ने बताया कि पहले भी उपायुक्त से मुलाकात में जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन मिला था, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसी कारण वे दोबारा मिलने पहुंचे, जहां फिर से उन्हें जल्द वेतन दिलाने का भरोसा दिया गया है।
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