दिल्ली के होटल में आग लगी घटना में झुलस कर जैनामोड़ की श्रुतिका की मौत, शव पहुंचते ही मातम में बदला माहौल
Bokaro:
जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली निवासी कुंवारी श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि का शव गुरुवार को दिल्ली से जैनामोड़ पहुंचा। मृतका पोस्ट ऑफिस गली स्थित मारवाड़ी पंचायत भवन के समीप के रमेश कुमार बरनवाल की एकलौती पुत्री थी। जिसका पार्थिव शरीर लगभग साढ़े ग्यारह वजे जैनामोड़ स्थित आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे परिवार व आसपास में मातम का माहौल छा गया। मृतका के माता-पिता, भाई एवं स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में परिवार को सांत्वना देते रहे। शव का अंतिम संस्कार के लिए चास श्मशानघाट ले जाया गया।
जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली निवासी कुंवारी श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि का शव गुरुवार को दिल्ली से जैनामोड़ पहुंचा। मृतका पोस्ट ऑफिस गली स्थित मारवाड़ी पंचायत भवन के समीप के रमेश कुमार बरनवाल की एकलौती पुत्री थी। जिसका पार्थिव शरीर लगभग साढ़े ग्यारह वजे जैनामोड़ स्थित आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे परिवार व आसपास में मातम का माहौल छा गया। मृतका के माता-पिता, भाई एवं स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में परिवार को सांत्वना देते रहे। शव का अंतिम संस्कार के लिए चास श्मशानघाट ले जाया गया।
मां से बात कर रही थी श्रुतिका और होटल में लग गई आग-
बताया जाता है कि श्रुतिका बरनवाल टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज के वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेस प्रोग्राम (2024-2026) की छात्रा थी। जो दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी नामक एक होटल में ठहरी हुई थी। 3 जून की सुबह श्रुतिका अपनी मां से बात कर रही थी। इसी दौरान होटल में आग लग गई। इससे पहले की वो अपनी मां को कुछ बता पाती हड़बड़ाहट में मोबाइल गिर गया। होटल के इस अग्नि कांड में श्रुतिका बुरी तरह झुलस गई। इस घटना में श्रुतिका का असामयिक निधन हो गया।


