SAIL-BSL : पहली तिमाही में बोकारो स्टील ने रचा स्वर्णिम अध्याय,
सेल के सभी एकीकृत संयंत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, उत्पादन से लेकर ऊर्जा दक्षता तक कई नए कीर्तिमान
Bokaro Steel ; वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही बोकारो स्टील प्लांट के लिए प्रदर्शन, उत्पादन और मुनाफे के लिहाज से ऐतिहासिक रही। अप्रैल से जून 2026 के दौरान संयंत्र ने न केवल वित्तीय मोर्चे पर मजबूत छलांग लगाई, बल्कि उत्पादन, परिचालन दक्षता और तकनीकी-आर्थिक मानकों में भी कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। परिचालन राजस्व 9.37 प्रतिशत बढ़कर 5,376 करोड़ रुपये से 5,880 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं ईबीआइटीडीए में 566 करोड़ रुपये की असाधारण बढ़ोतरी हुई और यह 588 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,154 करोड़ रुपये हो गया। यह सेल के सभी एकीकृत इस्पात संयंत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। ईबीआइटीडीए मार्जिन भी 10.94 प्रतिशत से बढ़कर 19.62 प्रतिशत हो गया, जो सेल में सर्वाधिक है। कर पूर्व लाभ यानी पीबीटी 97.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 715.57 करोड़ रुपये हो गया।
इस तरह एक साल में पीबीटी में करीब 617.75 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो संयंत्र की वित्तीय सेहत में आए बड़े सुधार को दर्शाता है।
बोकारो स्टील के पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल का सीधा लाभ कंपनी की कमाई पर पड़ा है। ईबीआइटीडीए में 566 करोड़ रुपये की वृद्धि को इस प्रदर्शन का सबसे अहम संकेत माना जा सकता है। राजस्व में करीब 9.37 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले ईबीआइटीडीए में करीब 96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे स्पष्ट है कि सिर्फ बिक्री बढ़ने से नहीं, बल्कि परिचालन क्षमता में सुधार और लागत पर नियंत्रण से लाभप्रदता मजबूत हुई है। ईबीआइटीडीए मार्जिन का 10.94 प्रतिशत से 19.62 प्रतिशत पहुंचना भी इसी बदलाव को रेखांकित करता है। पीबीटी में हुई जबरदस्त वृद्धि बताती है कि संयंत्र ने उत्पादन के साथ-साथ प्रत्येक टन इस्पात की आर्थिक उपयोगिता बढ़ाने पर भी जोर दिया। यही वजह है कि पहली तिमाही का प्रदर्शन बोकारो स्टील के लिए महज उत्पादन उपलब्धि नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन और परिचालन उत्कृष्टता का संयुक्त परिणाम बनकर सामने आया है। आने वाले समय में यदि यही रुझान कायम रहता है तो पूरे वित्तीय वर्ष में संयंत्र की लाभप्रदता और नकदी सृजन क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद की जा सकती है।
दूसरा पहर : उत्पादन में पहली तिमाही के सारे बड़े रिकार्ड ; उत्पादन के मोर्चे पर भी पहली तिमाही बोकारो स्टील के लिए ऐतिहासिक रही। संयंत्र ने स्थापना के बाद पहली तिमाही के दौरान ओवन पुशिंग, ग्रास सिंटर, हॉट मेटल, क्रूड स्टील और कुल बिक्री योग्य कोल्ड रोल्ड उत्पादन में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। सिंटर मशीन उत्पादकता, कोक दर और ब्लास्ट फर्नेस उत्पादकता में भी पहली तिमाही के अब तक के सर्वोच्च स्तर हासिल किए गए। 17 मई 2026 को एक दिन में 22,516 टन ग्रास सिंटर का उत्पादन कर नया दैनिक रिकार्ड बनाया गया। इससे पहले एक मई को 22,472 टन का रिकार्ड था। इसी प्रकार चार ब्लास्ट फर्नेस के संचालन के दौरान 22 अप्रैल को 18,206 टन हॉट मेटल का उत्पादन हुआ, जो पिछले 18,107 टन के दैनिक रिकार्ड से आगे निकल गया। अप्रैल में कच्चे माल के संचालन संयंत्र ने 16,653 वैगन के जरिये 11.7 लाख टन कच्चा माल उतारा। जनवरी 2026 में 15,223 वैगन से 10.7 लाख टन की उपलब्धि के मुकाबले यह बड़ी छलांग रही। जून में कोक ओवन विभाग ने प्रतिदिन औसतन 531 ओवन पुशिंग की, जबकि पिछला रिकार्ड 530 का था। यानी उत्पादन क्षमता के अलग-अलग स्तरों पर संयंत्र ने एक साथ कई मोर्चों पर अपनी दक्षता साबित की।
ऊर्जा और पानी की बचत से घटा उत्पादन खर्च : बोकारो स्टील के प्रदर्शन की एक महत्वपूर्ण वजह ऊर्जा और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को माना जा सकता है। पहली तिमाही में कोल डस्ट इंजेक्शन की दर बढ़कर 96 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल हो गई, जबकि पिछला सर्वश्रेष्ठ स्तर 95 किलोग्राम प्रति टन था। कोल डस्ट इंजेक्शन की अधिक दर से कोक की खपत कम करने में मदद मिलती है और ब्लास्ट फर्नेस की दक्षता बेहतर होती है। इसका सीधा असर उत्पादन लागत और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ता है। इसी तरह विशिष्ट ऊर्जा खपत 6.328 गीगाकैलोरी प्रति टन क्रूड स्टील से घटकर 6.314 गीगाकैलोरी प्रति टन हो गई। जून में यह आंकड़ा और बेहतर होकर 6.274 गीगाकैलोरी प्रति टन के नए मासिक न्यूनतम स्तर पर पहुंचा। मार्च में यह 6.290 गीगाकैलोरी प्रति टन था। यानी ऊर्जा दक्षता में लगातार सुधार हो रहा है। पानी के इस्तेमाल में भी संयंत्र ने विशिष्ट जल खपत घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। जल संरक्षण और प्रक्रिया जल के बेहतर उपयोग से जल शुल्क में भी कमी आई। आर्थिक दृष्टि से देखें तो ऊर्जा, कोक, पानी और कच्चे माल के बेहतर इस्तेमाल का संयुक्त प्रभाव प्रति टन इस्पात की लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बिक्री और मूल्यवर्धित उत्पादों से मजबूत हुई कमाई ; बोकारो स्टील की पहली तिमाही की सफलता केवल उत्पादन के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही। बिक्री के मोर्चे पर भी संयंत्र ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। जून 2026 में कोल केमिकल्स की मासिक बिक्री 38.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में 35.97 करोड़ रुपये की बिक्री का रिकार्ड था। खास बात यह रही कि इस दौरान सेकेंडरी स्टील का भंडार भी न्यूनतम स्तर पर रहा। इसका अर्थ है कि संयंत्र ने उत्पादन और बाजार की मांग के बीच बेहतर संतुलन बनाने में सफलता हासिल की। इसके साथ ही ठेका श्रमिकों को उपहार कार्ड वितरित कर उनके योगदान को सम्मान दिया गया। उत्पादन में तेजी के साथ सुरक्षा पर भी कोई समझौता नहीं किया गया। ‘सुरक्षा पहले और हमेशा’ के सिद्धांत के तहत सेल के शून्य सहनशीलता नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। सुरक्षा जागरूकता, नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी, व्यवहारगत सुधार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये शून्य क्षति की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। औद्योगिक उत्पादन में सुरक्षा का सीधा संबंध उत्पादकता से है, क्योंकि सुरक्षित कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं से होने वाली उत्पादन हानि और अतिरिक्त लागत को कम किया जा सकता है।
नवाचार और मूल्य संवर्धन बनेगी अगली छलांग की ताकत ;
बोकारो स्टील के मुनाफे में वृद्धि को केवल उत्पादन बढ़ने के नजरिये से देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। संयंत्र ने हाल के दिनों में कई ऐसे नए और मूल्यवर्धित इस्पात उत्पाद अपनी उत्पाद श्रृंखला में जोड़े हैं, जिनके लिए पहले देश को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। घरेलू स्तर पर इन उत्पादों का निर्माण बढ़ना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उच्च मूल्य वाले विशेष इस्पात उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने से प्रति टन इस्पात से मिलने वाला मूल्य और लाभ दोनों बढ़ते हैं। ऐसे में पहली तिमाही में दर्ज मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के पीछे उत्पादन वृद्धि के साथ मूल्य संवर्धन और नवाचार की भी अहम भूमिका रही है। आने वाले समय में यह रणनीति और महत्वपूर्ण होने वाली है। बोकारो स्टील के आधुनिकीकरण एवं विस्तार की परियोजना पर काम चल रहा है। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक संयंत्र की इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 7.50 मिलियन टन तक पहुंचाई जाए। इसके साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान की जरूरतों के अनुरूप कई नए उत्पादों को उत्पाद श्रृंखला में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे घरेलू बाजार में बोकारो स्टील के उत्पादों की पहुंच और मजबूत होने की संभावना है। यदि दूसरी तिमाही में भी मांग, उत्पादन, लागत नियंत्रण और मूल्यवर्धित उत्पादों का यही संतुलन कायम रहा तो बोकारो स्टील के उत्पाद घरेलू बाजार में और मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे में पहली तिमाही के आंकड़े केवल बीते तीन महीनों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस औद्योगिक बदलाव का संकेत हैं जिसमें बोकारो स्टील अधिक उत्पादन के साथ अधिक मूल्य, बेहतर दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो रहा है।
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प्रमुख आंकड़े
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परिचालन राजस्व : 5,376 करोड़ से 5,880 करोड़ रुपये (9.37 प्रतिशत वृद्धि)
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ईबीआइटीडीए : 588 करोड़ से 1,154 करोड़ रुपये
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पीबीटी : 97.82 करोड़ से बढ़कर 715.57 करोड़ रुपये
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पहली तिमाही में ओवन पुशिंग, ग्रास सिंटर, हॉट मेटल, क्रूड स्टील और बिक्री योग्य कोल्ड रोल्ड उत्पादन के नए रिकॉर्ड
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17 मई 2026 : 22,516 टन ग्रास सिंटर का नया दैनिक रिकॉर्ड
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22 अप्रैल 2026 : 18,206 टन हॉट मेटल का नया दैनिक रिकॉर्ड
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जून 2026 : 531 ओवन पुशिंग प्रतिदिन का नया रिकॉर्ड
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विशिष्ट ऊर्जा खपत : 6.314 गीगाकैलोरी प्रति टन, जून में 6.274 तक पहुंचा।

