पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने BSL से बकाया जलकर वसूली को लेकर बोकारो उपायुक्त को दिया निर्देश
Bokaro:
बोकारो स्टील प्लांट पर झारखंड सरकार का 1200 करोड़ के करीब जलकर बकाया है। इस बकाया राजस्व वसूली को लेकर झारखंड सरकार सख्ती के मूड में है। गरगा डेम के पानी का बीएसएल के द्वारा किए जा रहे व्यवसायीकरण को झारखंड सरकार के मंत्री ने इसे गंभीर मामला बताया। बीएसएल को जल व्यवसायीकरण नहीं करना चाहिए। इसे तुरंत बंद करे, नहीं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जलकर नहीं देने के मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की बात करते हुए बोकारो उपायुक्त को दिशा निर्देश दिया। ये बातें झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बोकारो सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही।
कहा कि स्टील अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड के बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा वर्ष 1973 से गरगा डैम के पानी का उपयोग किया जा रहा है। जिसके एवज में वर्तमान में 1500 करोड़ के आसपास झारखंड सरकार को भुगतना करना है, जो अभी तक नहीं किया गया है। बकाया जल कर वसूलने को लेकर राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। विभाग द्वारा कई बार पत्राचार किया गया, इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। कहा कि अब तक बीएसएल प्रबंधन द्वारा इस मद में एक भी रुपया झारखंड सरकार को नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी से राशि वसूली के लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सख्ती के साथ करवाई की जाएगी।
रेलवे को पानी बेचकर मुनाफा कमा रहा है प्रबंधन –
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि संयंत्र द्वारा गरगा डैम के जल का उपयोग औद्योगिक संस्थान में करने का अधिकार दिया गया था। लेकिन उसके बदले सरकार को राजस्व देना था। एक तो बीएसएल प्रबंधन ने जलकर बकाया रखा हुआ है। वहीं, बीएसएल प्रबंधन ने इसका व्यवसायीकरण करते हुए भारतीय रेलवे को पानी बेचना आरंभ कर दिया है। यह सरासर राज्य सरकार के अधिकारों का उल्लंघन है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि राज्य में प्रवाहित नदियों और जलाशयों पर राज्य सरकार का पूर्ण स्वामित्व होता है। ऐसे में बीएसएल द्वारा व्यवसायिक उपयोग किए जाने वाले जल का जल-कर राज्य को हासिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बकाया राशि के कारण कई जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मंत्री ने बीएसएल द्वारा पिछले कई वर्षों से किए जा रहे जल व्यवसायीकरण की विस्तृत समीक्षा करने को लेकर बोकारो उपायुक्त को निर्देश दिया। साथ ही अब तक के बकाया जलकर का आकलन कर विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।
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