पैसे की तंगी के कारण बिना इलाज सीएमसी वेल्लोर से लौटने को मजबूर हुए खोरठा के साहित्यकार कवि सह कलाकार ‘सुकुमार’

पैसे की तंगी के कारण बिना इलाज सीएमसी वेल्लोर से लौटने को मजबूर हुए खोरठा के साहित्यकार कवि सह कलाकार ‘सुकुमार’
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Bokaro:
 बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड का भेंडरा गांव निवासी खोरठा साहित्यकार, कवि व कलाकार सुरेश कुमार विश्वकर्मा ‘सुकुमार’ गंभीर रोग से पीड़ित हैं। झारखंड की माटी का यह अनमोल रत्न, खोरठा भाषा आंदोलन (उलगुलान) के अग्रदूत रहे है। राज्य के सांस्कृतिक स्तंभ सुकुमार अपनी आर्थिक हालात के कारण सीएमसी वेल्लोर से बिना इलाज के लौटने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि जिनके द्वारा लिखी गई 12 पुस्तकें (गद्य और पद्य) झारखंड के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है, आज उस व्यक्ति को पैसे के अभाव में सीएमसी वेल्लोर से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सुकुमार ने अपनी सुरीली आवाज और कलम से झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। रेडियो, टीवी, कविता, खोरठा साहित्यकार में झारखंड की की प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बावजूद भी सिस्टम की घोर उदासीनता के शिकार है। इलाज के लिए सीएमसी अस्पताल में जो बजट बताया गया, उस खर्च को बिना झारखंड सरकार व समाज की मदद के संभव नहीं है।
 आर्थिक रूप से लाचार है प्रतिभा के धनी-
 भेंडरा गांव के निवासी ‘सुकुमार’ किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे खोरठा के प्रख्यात साहित्यकार, लेखक, कवि और दूरदर्शन के जाने-माने लोक गायक हैं। खोरठा जगत में उन्हें ‘स्वर कोकिल’ कहा जाता है। स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के दर्जनों पुरस्कार उनके घर की शोभा बढ़ाते हैं, लेकिन इन उपलब्धियों के बावजूद ये मेडल और सर्टिफिकेट्स उनकी बीमारी का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
 अपनी माटी के लाल के लिए कब जागेगी सरकार-
जो सरकार और दल अपने को माय और माटी की सरकार होने का दंभ भरती है, सुकुमार जैसे राज्य के कोहिनूर की आर्थिक तंगी के कारण बिना इलाज सीएमसी से लौटना, सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा जैसा है। राज्य की जनता और सुकुमार के प्रशंसक सरकार की उदासीनता और कार्यप्रणाली गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं‌। प्रशंसकों का कहना है कि एक ओर सरकार बड़े-बड़े आयोजनों और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा देती है। वह, सरकार चाह ले तो राज्य की संस्कृति को सींचने वाले  सुकुमार के इलाज के लिए एकमुश्त फंड जारी कर सकती है।
व्यवस्था से हार कर सुकुमार के पुत्र कुणाल भारती ने मदद के लिए बैंक खाता और फोन-पे नंबर जारी किया है।
मदद के लिए बैंक विवरण (Bank Details for Help):
बैंक का नाम: बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)
खाता संख्या (Account No): 488510110000666
खाताधारक का नाम: KUNAL BHARATI (कुणाल भारती)
फोन पे (PhonePe) नंबर: 9798428401

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