आजसू नेता पर हुए हमले के बाद पार्टी ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल

आजसू नेता पर हुए हमले के बाद पार्टी ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
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Bokaro:
आजसू पार्टी ने बोकारो परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान धनबाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि बांसजोड़ा में हुई जानलेवा हमले की घटना की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। आरोप है कि कोयला माफिया और आपराधिक तत्वों को संरक्षण देने के लिए पुलिस आजसू नेताओं को ही झूठे मामलों में फंसा रही है। पार्टी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग तक ले जाया जाएगा।
पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और महासचिव संजय मेहता ने संयुक्त रूप से कहा कि 20 मई को पार्टी नेता रजनी रवानी अपने सहयोगियों के साथ लोयाबाद थाना पहुंचे थें, जहां अवैध खनन और जान से मारने की धमकियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद बांसजोड़ा स्थित उनके आवास के बाहर बैठे नेताओं और कार्यकर्ताओं पर सैकड़ों की संख्या में हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान लाठी, रॉड और अन्य हथियारों से हमला किया गया, गोलीबारी भी हुई, जिसमें कई नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। महिला नेत्री रजनी रवानी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया।
नेताओं ने यह भी कहा कि घायल कार्यकर्ता इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें देखने पहुंचे लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। साथ ही आरोप लगाया गया कि पुलिस ने रजनी रवानी को बिना महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के हिरासत में लेकर रातभर थाने में रखा और बाद में जेल भेज दिया।
डॉ. देवशरण भगत ने दावा किया कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ आपराधिक गिरोह अवैध कोयले के कारोबार में संलिप्त हैं और इनके खिलाफ आवाज उठाने के कारण ही यह घटना हुई। वहीं प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि साजिश के तहत पार्टी नेताओं को फंसाने की कोशिश की गई।संजय मेहता ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के lखिलाफ कार्रवाई और पार्टी नेताओं को न्याय दिलाने की मांग की। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष सचिन महतो समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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