वेतन नहीं तो काम नहीं: सफाई कर्मियों की हड़ताल से अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई

वेतन नहीं तो काम नहीं: सफाई कर्मियों की हड़ताल से अस्पतालों की व्यवस्था चरमराई
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Bokaro:
जिला सदर अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कार्यरत ठेका सफाई कर्मियों ने सोमवार को बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
सफाई कर्मियों का कहना है कि उन्हें अप्रैल, मई और जून माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। लगातार ठेकेदार से संपर्क करने के बावजूद हर बार “अलॉटमेंट नहीं मिला” का हवाला देकर भुगतान टाल दिया जाता है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मियों ने अंततः विरोध स्वरूप काम बंद करने का निर्णय लिया।
हड़ताल का असर पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर साफ तौर पर देखने को मिला। सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और उपकेंद्रों तक सफाई कार्य पूरी तरह बाधित रहा, जिससे अस्पताल परिसरों में गंदगी फैल गई और व्यवस्था चरमरा गई।
मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वार्ड, ओपीडी और अस्पताल परिसर में सफाई नहीं होने के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थिति को संभालने में अस्पताल प्रबंधन भी असहाय नजर आया।
सफाई कर्मी सागर कुमार और छोटू कुमार ने बताया कि फिलहाल यह हड़ताल एक दिवसीय है, लेकिन यदि जल्द बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।
जिन कर्मियों के कंधों पर अस्पतालों की स्वच्छता और मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही अपने हक—समय पर वेतन—के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

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