बोकारो में भड़का विस्थापितों का गुस्सा, BSL के खिलाफ माले का जोरदार हल्ला बोल

बोकारो में भड़का विस्थापितों का गुस्सा, BSL के खिलाफ माले का जोरदार हल्ला बोल
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Bokaro:
बोकारो में विस्थापितों का सब्र आखिरकार टूट गया। ढोल-नगाड़ों और गाजा-बाजा की तेज आवाज के बीच हजारों लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भाकपा माले के बैनर तले निकली यह रैली नयामोड़ से शुरू होकर सीधे बोकारो स्टील प्लांट के एडीएम बिल्डिंग तक पहुंची, जहां माहौल पूरी तरह उग्र हो गया।
रैली में शामिल महिलाओं और पुरुषों के चेहरे पर साफ गुस्सा दिख रहा था। जैसे ही भीड़ एडीएम बिल्डिंग के पास पहुंची, नारेबाजी तेज हो गई—हर तरफ सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही थी, “हक दो या कुर्सी छोड़ो!” स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी।


सभा में बदल चुकी इस भीड़ के बीच माले नेता राजू दुबे ने मंच संभालते ही सेल (BSL प्रबंधन) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने गुस्से में कहा कि हमने अपनी जमीन दी, अपनी पीढ़ियों का भविष्य दांव पर लगाया, और बदले में मिला सिर्फ धोखा! सेल प्रबंधन ने विस्थापितों को सिर्फ इस्तेमाल किया है—अब हिसाब देना होगा।
उनका गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा एक हफ्ते के अंदर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो इस बार आंदोलन नहीं, सीधा घेराव होगा। ढोल-नगाड़ा ही नहीं, पारंपरिक हथियारों के साथ पूरा प्लांट ठप कर देंगे। हर गेट जाम होगा—कोई अंदर नहीं जाएगा, कोई बाहर नहीं आएगा।
इस दौरान BSL के अधिकारियों को 7 सूत्री मांगपत्र सौंपा गया, लेकिन नेताओं ने साफ कर दिया कि अब सिर्फ कागज नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहिए।
मांगों में हर विस्थापित परिवार को नौकरी, कूलिंग पॉन्ड नंबर-2 के प्रदूषण पर तत्काल रोक, गांवों में बुनियादी सुविधाएं (अस्पताल, सड़क, बिजली), प्लांट विस्तार में हिस्सेदारी, शहीद प्रेम महतो के परिवार को नौकरी और अप्रेंटिस युवाओं की नियुक्ति शामिल है।

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